Parvesh Kumar PK Shayari

Motivational and Inspirational Shero Shayari

Motivational and Inspirational Shero Shayari in Hindi Font

मैं अपने रास्ते पर सही जा रहा हूँ,
जो पाना चाहता था वही पा रहा हूँ।

मकसद रखो जिंदगी में वरना पुछोगे सबसे,
मैं कहाँ जा रहा हूँ, मैं कहाँ जा रहा हूँ।

देखें हैं मैंने ऐसे लोग जो साथ गुनगुनाते हैं,
फिर कहते हैं, ये तेरा गीत मैं क्यूँ गा रहा हूँ।

आजकल घर में मौजूदगी बस इतनी सी है,
कि अभी आ रहा हूँ और अभी जा रहा हूँ।

प्रवेश कुमार “पीके”

 

Inspirational Ghazals In Hindi

 

सफलता के नए आयाम लिख दूँगा,
मैं आसमान में अपना नाम लिख दूँगा |

सिर्फ किस्मत नहीं मेहनत की अहमियत है,
सबके ज़ेहन में ये पैगाम लिख दूँगा |

आलोचना करने वालों तुम्हारा शुक्रिया
मैं सम्मान से एक दिन तुम्हारा नाम लिख दूँगा |

जो सफ़र अब मुश्किल सा लगता है मुझे
सब मील के पत्थरों पर शब्द आसान लिख दूँगा |

प्रवेश कुमार “पीके”

 

Most Inspiring Poem in Hindi

 

मुठ्ठी भर ही सही अपना भी आसमान तो है
कदम लड़खड़ायें हैं मगर उनमे अभी जान तो है |

ऐ पतंग जिन हवाओं पर तू सफ़र करती है
उन हवाओं पे हमारे भी क़दमों के निशान तो है |

दौलत, शोहरत ना सही, इज्ज़त ही सही
सबसे नज़र मिला सके इतना आत्म सम्मान तो है |

मेहनत निष्फल है, नतीजे नदारद हैं मगर
उन्हें पाने का अभी मन में अरमान तो है |

घर, माँ-बाप, रिश्ते नाते, प्यार मोहब्बत
खुशियाँ मनाने का इतना सब सामान तो है

– प्रवेश कुमार

 

Sad Status For Destiny

 

ना खुशी स्थाई है ना दुख स्थाई है,
मत रो क्यूँ तेरी आँखें भर आई हैं,
वो किस्मत नहीं थी तेरी क्यूँ दुखी है,
उसकी सोच उसने तो देवी ठुकराई है

“प्रवेश कुमार”

 

Sad Ghazal About Love

 

तेरे लिए तो हूँ मैं बस वक़्त का एक बुलबुला,
जितना जीना था जी लिया, लो अब मैं चला |

तुझे याद करता हूँ तो बढ़ जाती है तकलीफ़ें,
ऐ ज़िन्दगी तू यहीं ठहर, लो अब मैं चला |

तूने ज़िक्र बहुत किया मेरा, मगर रकीबों में,
ख़त्म कर दूँ आज सब मुश्किलें, लो अब मैं चला |

तू करती है खता रूठ जाने में और मानाने में,
करेगी तू भी कभी याद मुझे, लो अब मैं चला |

बहुत रोया मगर अश्क तुझ तक ना पहुँच सकें,
ख़त्म कर दूँ आज ये सिलसिला, लो अब मैं चला |

“प्रवेश कुमार”

 

Women’s Rights Poem Summary

 

देखा मैंने हर द्वार पर पुरुष के नाम जड़े हुए,
ऐ औरत तेरे अधिकार हैं कहाँ पड़े हुए,
क्यों तेरा कोई अधिकार नहीं है
क्यों तेरा कोई आधार नहीं है |
माँ बनकर तूने पुरुष को अपने प्राण-पुष्पों से पाला है,
कभी बहन, कभी बीवी बनकर हर कदम उसे संभाला है |
तेरे बिना नहीं संसार की कोई कल्पना है
सुखी आँखें है, ना आँसू, ना प्यार, ना सपना है |
चार दीवारों से निकली है आज़ाद तो हुई है मगर,
‘लड़का लड़की एक समान’ नारों में बंधी है
अभी पूरी आज़ाद कहाँ हुई है |
संस्कृति की नक़ल हुई मगर सोच नहीं बदली,
संशय में हूँ ये समाज असली है या नकली |
बदलाव नियम है इसलिए उम्मीद अभी जिंदा है,
एक दिन आज़ाद हो जायेगा इस पिंजरे में जो परिंदा है |

Parvesh Kumar “PK”

 

2 Line Shayari On Parinde

two line shayari on parinde

 

Kuchh sapne tute hai kuch judne wale hain,
Badhe ho gaye parinde ab udne wale hain.

Parvesh Kumar PK

 

कुछ सपने टूटे है कुछ जुड़ने वाले हैं,
बडे हो गये परिंदे अब उड़ने वाले हैं.

प्रवेश कुमार पीके 

 

Heart Touching Love Ghazal

 

हम तुम हैं सफ़र में मगर हमारी मंजिल कहाँ है,
मैं भी यहीं हूँ तुम भी यहीं हो, मगर हम कहाँ हैं।

जो रास्ता ना ले के जाए हमें किसी मुकाम तक,
चलते ही रहें ना कभी पहुंचे अगर अंजाम तक,
तो फिर मिलना बतलाना मुस्कुराना सब बेवजह है।
हम तुम हैं सफ़र में मगर हमारी मंजिल कहाँ है।

हम तुम मिलें हैं जब भी कोई बात ना हो पाई ,
अकसर संग रहती है तेरी याद मेरी तनहाई,
तु अगर है मेरी तो फिर मुझमें कहाँ है,
हम तुम हैं सफ़र में मगर हमारी मंजिल कहाँ है।

सोचा के भूला दूँ तुम्हें मगर ना हो पाया ,
कैसे कह दूँ के तु नही है अपना है पराया ,
तेरे कदमों के दिल में निशाँ हैं,
हम तुम हैं सफ़र में मगर हमारी मंजिल कहाँ है।

हम तुम हैं सफ़र में मगर हमारी मंजिल कहाँ है,
मैं भी यहीं हूँ तुम भी यहीं हो, मगर हम कहाँ हैं।

प्रवेश कुमार “पीके”